Saturday, January 14, 2017

AAP/PR/NewDelhi/National/13January/IncomeTaxNotice

इनकम टैक्स का इस्तेमाल कर आप नेताओं को किया जा रहा है प्रताड़ित

पंजाब-गोवा चुनाव से पहले चंदे को फिर मुद्दा बनाने की कोशिश, इनकम टैक्स ने AAP को नोटिस भेजने की स्पीड को बढ़ाया

मोदी जी कर रहे हैं सरकारी तंत्र का दुरुपयोग, राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है AAP को परेशान

बीजेपी-कांग्रेस के कोषाध्यक्ष को इनकम टैक्स ने कितनी बार भेजे हैं नोटिस? जनता को बताएं


केंद्र में बैठी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों और राजनीति की वजह से भारतीय जनता पार्टी पंजाब और गोवा का चुनाव हार रही है और आम आदमी पार्टी इन दोनो ही राज्यों में जीत रही है। इसीलिए नरेंद्र मोदी जी ने पूरे सरकारी तंत्र को आम आदमी पार्टी के पीछे छोड़ दिया है। केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने ठीक चुनाव से पहले एक बार फिर से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करना शुरु कर दिया है। आम आदमी पार्टी को मिलने वाले चंदे को फिर से मुद्दा बनाने की तैयारी की जा रही है और इसी के तहत इनकम टैक्स विभाग को आम आदमी पार्टी के नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए छोड़ दिया गया है। इनकम टैक्स विभाग ना जाने किस जल्दबाज़ी में है कि अब तो इनकम टैक्स इंसपेक्टर आम आदमी पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष के घर तक पहुंच रहे हैं।  

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेस में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राघव चढ्डा ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग की दो विंग होती हैं, एक होती है इनवेस्टीगेशन विंग और दूसरी एगज़्मशन विंग। इनकम टैक्स विभाग की इन दोनो ही विंग में आम आदमी पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक के सारे रिकॉर्ड जांच के लिए खोल दिए गए हैं। कुछ नोटिस तो ऐसे भी प्राप्त हुए हैं जिसमें साल 2010 से लेकर अब तक के चंदे का हिसाब मांगा जा रहा है जबकि यह बड़ा ही हास्यास्पद है क्योंकि आम आदमी पार्टी तो साल 2012 में अस्तित्व में आई थी।

पहले जहां एक महीने में दो तीन नोटिस आते थे लेकिन अब तो पिछले दो महीने से लगातार इनकम टैक्स विभाग की नोटिस भेजने की स्पीड बढ़ती जा रही है और अब कुछ दिन से तो यह रफ्तार इतनी तेज़ हो गई है कि अब हर रोज़ नोटिस आ रहे हैं और कभी कभी तो एक ही दिन में दो नोटिस आ जाते हैं। इनकम टैक्स विभाग ना जाने किस जल्दबाज़ी में है,  ना केवल आम आदमी पार्टी के कार्यालय में मौजूदा कोषाध्यक्ष को नोटिस भेजे जा रहे हैं बल्कि अब तो पूर्व कोषाध्यक्ष के घर पर और पार्टी के ऑडिटर के पास भी इनकम टैक्स इनकम टैक्स के अधिकारी नोटिस लेकर पहुंच रहे हैं।
अमूमन यह देखा जाता है कि इनकम टैक्स की तरफ़ से मिलने वाले नोटिस में विभाग जवाब दाखिल करने के लिए कुछ दिनों की मोहलत देता है ताकि जवाबी काग़जों को व्यवस्थित किया जा सके लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि आम आदमी पार्टी को अब वो वक्त भी नहीं दिया जा रहा, मिसाल के तौर पर आज नोटिस मिल रहा है तो परसों की तारीख में जवाब मांगा जा रहा है, यानि बीच में सिर्फ़ एक दिन ही जवाब दाख़िल करने के लिए दिया जा रहा है। इनकम टैक्स विभाग कुछ ज़्यादा ही जल्दबाज़ी में है ताकि चुनाव से पहले कुछ भी ऐसा निकाला जा सके जिसे मीडिया के एक ख़ास हिस्से में उछाल कर आम आदमी पार्टी को बदनाम किया जा सके। आम आदमी पार्टी और इनकम टैक्स के बीच पत्र-संवाद होता है लेकिन साज़िशन इनकम टैक्स विभाग की तरफ़ से हमारे पत्रों के किसी भी चिन्हित हिस्से को मीडिया के एक विशेष वर्ग को लीक कर दिया जाता है ताकि मीडिया का वो हिस्सा उस तथ्य को तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने ग़लत ढंग से पेश कर सके और आम आदमी पार्टी को बदनाम किया जा सके। ज़ाहिर है ये पूरी ज़ोर-आज़माइश प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर ही की जा रही है।

आम आदमी पार्टी के चंदे की पाई-पाई का हिसाब पूरी तरह से दुरुस्त है और हमें इनकम टैक्स की किसी भी जांच से कोई डर नहीं लगता। लेकिन हमारे लिए यह वक्त बड़ा अहम है, पार्टी इस वक्त दो राज्यों में चुनाव लड़ रही है और हमारा सारा ध्यान चुनाव पर केंद्रित है, मैं पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हूं और मुझे भी पार्टी ने चुनाव में ज़िम्मेदारी सौंप रखी है और साथ ही पूर्व कोषाध्यक्ष के पास भी चुनावी ज़िम्मेदारियां हैं, लेकिन इनकम टैक्स हमें लगातार नोटिस भेज रहा है ताकि हम पूरे दिन इनकम टैक्स के दफ्तर में बैठे रहें जिससे हमारी चुनावी गतिविधियां भी प्रभावित हों।

सरकारी विभाग का दुरुपयोग करते हुए यह सारा षडयंत्र पंजाब और गोवा चुनाव से पहले एक राजनीतिक साज़िश के तहत ही रचा जा रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी दोनो ही राज्यों में चुनाव हार रही है और मोदी जी के पास इसके अलावा कोई और चारा नहीं बचा है। आपको याद होगा कि साल 2013 में दिल्ली चुनाव से पहले भी एक फर्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन करके आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की गई थी, उसके बाद साल 2015 में भी ठीक चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को मिलने वाले चंदे को लेकर एक फर्ज़ी मुद्दा उठाया गया था लेकिन बाद में यह साफ़ हो गया था कि वे पूरी तरह से झूठे और मनगढंत मुद्दे थे जो राजनीतिक साज़िश के तहत ही आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए ही ठीक चुनाव से पहले लाए गए थे। तब बीजेपी सिर्फ़ 3 सीट पर ही सिमट गई थी और कांग्रेस का तो सूपड़ा ही साफ़ हो गया था। अब एक बार फिर से यही कोशिश हो रही है क्योंकि पंजाब और गोवा में भी बीजेपी की हालत कमज़ोर है और आम आदमी पार्टी की मज़बूत।
आम आदमी पार्टी अपने हर चंदे का पूरा बही-खाता रखती है चाहे किसी ने 5 रुपए का भी चंदा क्यों ना दिया हो। आम आदमी पार्टी अपना 92 प्रतिशत चंदा बैंकिंग सिस्टम से लेती है और सिर्फ़ 8 प्रतिशत चंदा ही नक़द में लिया जाता है जिसे पूरी जानकारी के साथ बाद में बैंक में जमा करा दिया जाता है। बावजूद इसके आम आदमी पार्टी को परेशान किया जा रहा है और नोटिस पे नोटिस भेजे जा रहे हैं।
कालेधन रुपी सौ चूहे खाकर भारतीय जनता पार्टी वित्तीय पार्दर्शिता रुपी हज की बात कर रही है। यही बीजेपी और कांग्रेस हैं जिनका 2004 से लेकर 2015 के बीच तक़रीबन 75 प्रतिशत चंदा बेनामी स्त्रोतों से आया है, उनके कुल चंदे का 80 प्रतिशत नक़द में आता है और उन्हें पता ही नहीं होता कि ये पैसा उन्हें कौन दे गया। माननीय हाईकोर्ट ने अवैध रुप से विदेशी फंडिंग के मामले में भी बीजेपी और कांग्रेस दोनो को दोषी पाया है तो वहीं कालाधन धारकों की सूची में कुछ नाम ऐसे भी हैं जो बीजेपी और कांग्रेस दोनो पार्टियों को चंदा देते हैं, लेकिन इन सबके बावजूद इनकम टैक्स विभाग इन पार्टियों के खातों की जांच नहीं करता बल्कि अपने 5 रुपए के चंदे का भी हिसाब रखने वाली आम आदमी पार्टी के पीछे हाथ धोकर पड़ गया है।
हम भारतीय जनता पार्टी और मोदी जी से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं ताकि जनता तक पूर्ण सच्चाई पहुंच सके।
1.       इनकम टैक्स विभाग सिर्फ़ आम आदमी पार्टी को ही क्यों हर रोज़ नोटिस भेज रहा हैजबकि मई 2014, जब से मोद जी की सरकार बनी है तब से लेकर अबतक बीजेपी और कांग्रेस पार्टी को इनकम टैक्स ने कितने नोटिस भेजे गए हैं?
2.       मोदी जी यह बताएं कि मई 2014 के बाद उनकी सरकार ने बीजेपी के कोषाध्यक्ष श्री पीयूष गोयल और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष श्री मोतीलाल वोरा को कितनी बार नोटिस भेजकर पेशी के लिए बुलाया है?
3.       जिस प्रकार से इनकम टैक्स विभाग आम आदमी पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और वर्तमान ऑडिटर को नोटिस भेज रहा है क्या इसी प्रकार से बीजेपी के पूर्व कोषाध्यक्ष और कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष और ऑडिटर को भी समन किया जा रहा है?
4.       मोदी जी यह बताएं कि भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाला 80 प्रतिशत चंदा कौन देता है और क्योंइनकम टैक्स विभाग इसकी जांच क्यों नहीं करता?
5.       बीजेपी और कांग्रेस ने अवैध रुप से विदेशी कम्पनियों से चंदा लिया है जिस पर माननीय हाई कोर्ट ने दोनों पार्टियों को दोषी भी पाया है। क्या मोदी जी ने कभी इसकी जांच इनकम टैक्स से कराई या फिर कोई नोटिस भेजा?
6.       सहारा-बिरला से मोदी जी ने रिश्वत ली थी, इसके कागज़ भी पब्लिक डोमेन में हैं, इनकम टैक्स विभाग उन कागज़ों में मौजूद तथ्यों की जांच क्यों नहीं करता?
7.       आम आदमी पार्टी अपने चंदे के एक-एक रुपए का पूरा हिसाब लगातार इनकम टैक्स को देती आई है लेकिन बावजूद इसके ठीक चुनाव से पहले हमें अनावश्यक तौर पर क्यों परेशान किया जा रहा है?

जनता को यह पता लगना चाहिए कि 80 प्रतिशत चंदा बेनामी स्रोतों से भारतीय जनता पार्टी लेती है लेकिन जांच उस आम आदमी पार्टी की होती है जो अपने 5 रुपए के चंदे का हिसाब भी रखती है। सहारा-बिरला से रिश्वत मोदी जी खुद लेते हैं और जांच आम आदमी पार्टी की कराते हैं। चुनावी सीज़न है और आदमी पार्टी के सभी नेता पंजाब या गोवा में चुनावी ज़िम्मेदारियों को लेकर व्यस्त हैं लेकिन मोदी जी के द्वारा इनकम टैक्स विभाग को पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक ड्यूटी पर लगा दिया गया है ताकि आम आदमी पार्टी को बीच चुनाव में परेशान किया जा सके और आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ किसी भी झूठे और मनगढंत तथ्य को तोड़-मरोड़ कर पेश करके राजनीतिक साज़िश को अंजाम दिया जा सके

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